हम सब अपनी जिंदगी से क्या चाहते हैं ?  क्या दर्द से मुक्त होना या फिर उन संभावित समस्याओं से मुक्ति जो जीवन का एक प्रमुख हिस्सा हैं। हम सब अधिकतर एस्ट्रोलॉजर के पास भी इसी वजह से जाते हैं ,इसी उम्मीद में की हम वैदिक ज्ञान के इस्तेमाल से जीवन को बाधाओं से मुक्त करें । इतने सालों की समझ और इस महान परंपरा का अध्ययन करने  वाले विद्यार्थी के रूप में कह रहा हूं कि यह इस मामले में एस्ट्रोलोजी के माध्यम से आपको कुछ हाथ नहीं आएगा ।
           इसके संभावित कारण की मैं व्याख्या करता हूं , पहली बात की दुःख ईश्वर अवतरित होते है इस धरती पर तो उन्हें भी सहना होगा । यह प्रकृति का एक हिस्सा है , अब इसी के माध्यम से विकसित होते है और प्रत्येक व्यक्ति का विकास ही प्रकृति का विकास हैं ।
    दूसरी बात की इस वैदिक ज्ञान ( ज्योतिष ) का फायदा उन्हीं को अधिक मिलता है ,जिनके कर्म में नैतिकता और मर्यादा हो । हम सब अनैतिकता का रास्ता लेते हुए कभी ज्योतिष का फायदा नहीं उठा सकते , जैसे को डॉक्टर की मेडिसीन कितनी भी अच्छी हो लेकिन जीवन जीने का तरीका भी महत्वपूर्ण है तभी वह मेडिसिन आपको काम करती हैं ।
  ज्योतिष या लाला किताब में अधिकतर उपाय दान से हैं , जब हम दान करते है तो भौतिक और आंतरिक स्तर पर अपने आप को मुक्त करते है उन वस्तुओं से । जीवन का मुख्य उद्देश्य क्या हैं ? सभी धर्मों में नाम अलग हैं लेकिन यह है मुक्ति ही है । कुंडली का अंतिम हिस्सा भी मुक्ति से है , यह मुक्ति कब मिलेगी ? जब हम अपने को प्रत्येक चीजें से मुक्त करे ? जैसा कि गीता में कृष्ण कहते है कि हमारा कर्म निष्काम हो , यह निष्काम क्या हैं ? इस निष्काम का अर्थ हैं कि हम कर्म करते रहे लेकिन कर्म के परिणाम से खुद को जोड़े रखना जीवन की व्यवस्था को रोक देना हैं ।
       हम सब चाहते है कि हम धन पाए , हम अपने जीवन में बेहतर करे तो हमें पहले कर्म करना होगा फिर उस कर्म के परिणाम पर बिना शोक या हर्ष के निरंतर कर्म करना हैं और यही कर्म की साइकिल में जब हम भक्ति और ज्ञान को शामिल करके निष्काम की भावना को प्राप्त करते हैं , तब हम अपने कुंडली के प्रत्येक ग्रह को अच्छा कर लेते हैं । कर्म करना शनि को शुभता प्रदान करेगा और निष्काम की भावना जुपिटर को और इस कर्म के प्रक्रिया से मन को मजबूत चंद्रमा होगा और आपकी आभा सूर्य को मजबूत करेगा ।
     हम अपने कर्म और उससे महत्वपूर्ण उसके प्रति इंटेंशन से अपने आप को मजबूत करते है और यह इंटेंशन आपके फ्यूचर को दिया जाता है , मैंने आज तक अधिकतर चार्ट एक फेमिली में  अत्यधिक समानता होती हैं । हम अपने आने वाली पीढ़ी को केवल अपनी संपत्ति या नाम नहीं देते है बल्कि उसको अपने कर्मों और विचार का बोझ देते हैं । चार्ट में सूर्य के साथ बुध की स्थिति इस बात को अच्छे से दिखाती है।

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